दुनिया के अहम तेल मार्गों में शामिल Strait of Hormuz को लेकर राहत की खबर आई है। ईरान के रुख में नरमी के बाद यह समुद्री रास्ता फिर सामान्य होने लगा है। इसका सीधा असर तेल बाजार पर पड़ सकता है, जिससे पेट्रोल, डीजल और CNG के दामों में राहत की उम्मीद बढ़ी है।
Strait of Hormuz से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है। खाड़ी देशों से निकलने वाली तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचता है। जब भी यहां तनाव बढ़ता है, तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ जाती है और कीमतें ऊपर जाने लगती हैं। हाल के दिनों में यही असर देखने को मिला था।
अब रास्ता सामान्य होने की खबर के बाद बाजार का मूड बदला है। जानकारों का मानना है कि सप्लाई बिना रुकावट जारी रही तो कच्चे तेल की कीमतों
दुनिया के अहम तेल मार्गों में शामिल Strait of Hormuz को लेकर राहत की खबर आई है। ईरान के रुख में नरमी के बाद यह समुद्री रास्ता फिर सामान्य होने लगा है। इसका सीधा असर तेल बाजार पर पड़ सकता है, जिससे पेट्रोल, डीजल और CNG के दामों में राहत की उम्मीद बढ़ी है।
Strait of Hormuz से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है। खाड़ी देशों से निकलने वाली तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचता है। जब भी यहां तनाव बढ़ता है, तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ जाती है और कीमतें ऊपर जाने लगती हैं। हाल के दिनों में यही असर देखने को मिला था।
अब रास्ता सामान्य होने की खबर के बाद बाजार का मूड बदला है। जानकारों का मानना है कि सप्लाई बिना रुकावट जारी रही तो कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम होगा। अगर ऐसा हुआ, तो आने वाले समय में पेट्रोल और CNG के दाम भी नरम पड़ सकते हैं।
भारत जैसे देशों के लिए यह खबर खास है, क्योंकि यहां बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने से तेल कंपनियों पर बोझ कम होता है और आगे चलकर आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सकती है।
हालांकि तुरंत बड़े कटौती की उम्मीद करना सही नहीं होगा। घरेलू ईंधन कीमतें सिर्फ कच्चे तेल से तय नहीं होतीं। टैक्स, डॉलर की कीमत, ट्रांसपोर्ट खर्च और कंपनियों की लागत भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। फिर भी वैश्विक बाजार में नरमी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है।
CNG उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सकती है। गैस बाजार स्थिर रहने पर शहरों में चलने वाले वाहनों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की लागत कम हो सकती है। इसका असर किराए और रोजमर्रा के खर्च पर भी पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, Strait of Hormuz का फिर खुलना सिर्फ अंतरराष्ट्रीय खबर नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब से भी जुड़ा मामला है। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों से राहत मिल सकती है।