देशभर के सर्राफा बाजारों में सोना एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। शादी-विवाह के सीजन और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के चलते सोने की मांग में तेजी देखी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात, डॉलर की चाल और घरेलू मांग के कारण सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
पिछले कुछ समय से सोना सिर्फ आभूषण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुरक्षित निवेश के तौर पर भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि कीमतों में हल्की गिरावट आते ही खरीदारी बढ़ जाती है।
ज्वेलर्स का कहना है कि शादी के मौसम में ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। खासतौर पर हल्के वजन के गहनों और सिक्कों की
देशभर के सर्राफा बाजारों में सोना एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। शादी-विवाह के सीजन और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के चलते सोने की मांग में तेजी देखी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात, डॉलर की चाल और घरेलू मांग के कारण सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
पिछले कुछ समय से सोना सिर्फ आभूषण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुरक्षित निवेश के तौर पर भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि कीमतों में हल्की गिरावट आते ही खरीदारी बढ़ जाती है।
ज्वेलर्स का कहना है कि शादी के मौसम में ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। खासतौर पर हल्के वजन के गहनों और सिक्कों की मांग ज्यादा देखी जा रही है। कई लोग त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए अभी से खरीदारी कर रहे हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में सोने के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करेंगे। अगर वैश्विक तनाव या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है तो कीमतों में और तेजी आ सकती है। वहीं, अगर डॉलर मजबूत होता है तो सोने पर दबाव भी बन सकता है।
घरेलू बाजार में ग्राहक अब पारंपरिक खरीदारी के साथ डिजिटल गोल्ड और गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर भी बढ़ रहे हैं। इससे निवेश के तरीके बदलते नजर आ रहे हैं। हालांकि ग्रामीण और पारंपरिक बाजारों में अब भी जेवरात खरीदने की परंपरा मजबूत बनी हुई है।
जानकार सलाह देते हैं कि सोना खरीदते समय सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और शुद्धता पर भी ध्यान देना जरूरी है। निवेश के लिए खरीद रहे हैं तो लंबी अवधि की योजना बनाना बेहतर माना जाता है।
कुल मिलाकर, सोना आज भी भरोसे का प्रतीक बना हुआ है। चाहे गहनों के रूप में हो या निवेश के तौर पर, इसकी चमक बाजार और लोगों की पसंद दोनों में कायम है।