नई दिल्ली: देश की राजनीति में एक दिलचस्प हलचल देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर इन दिनों यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि Gen-Z यानी नई पीढ़ी अपने मुद्दों को लेकर अलग राजनीतिक पार्टी बनाने पर विचार कर रही है। इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर युवा खुलकर अपनी राय रख रहे हैं और पारंपरिक दलों से नाराज़गी भी जता रहे हैं।
कई युवाओं का कहना है कि नौकरी की कमी, महंगी शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल आज़ादी जैसे मुद्दे अक्सर चुनावी भाषणों में तो आते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन पर काम कम दिखाई देता है। यही वजह है कि कुछ युवा अब “अपनी आवाज़, अपनी राजनीति” की बात कर रहे हैं।
हालांकि, अब तक किसी औपचारिक संगठन या पार्टी की घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक जानकार इसे
नई दिल्ली: देश की राजनीति में एक दिलचस्प हलचल देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर इन दिनों यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि Gen-Z यानी नई पीढ़ी अपने मुद्दों को लेकर अलग राजनीतिक पार्टी बनाने पर विचार कर रही है। इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर युवा खुलकर अपनी राय रख रहे हैं और पारंपरिक दलों से नाराज़गी भी जता रहे हैं।
कई युवाओं का कहना है कि नौकरी की कमी, महंगी शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल आज़ादी जैसे मुद्दे अक्सर चुनावी भाषणों में तो आते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन पर काम कम दिखाई देता है। यही वजह है कि कुछ युवा अब “अपनी आवाज़, अपनी राजनीति” की बात कर रहे हैं।
हालांकि, अब तक किसी औपचारिक संगठन या पार्टी की घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक जानकार इसे फिलहाल एक विचार और असंतोष की अभिव्यक्ति मान रहे हैं। फिर भी, अगर यह पहल आगे बढ़ती है, तो यह भारतीय राजनीति में नई दिशा तय कर सकती है।