भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI (Unified Payments Interface) अब देश की सीमाओं से बाहर लगातार अपनी जगह बना रहा है। अगस्त 2026 में सामने आई सरकारी जानकारी के मुताबिक UPI अब 11 देशों में ऑपरेशनल हो चुका है। ग्रीस और मालदीव के जुड़ने के बाद भारत के इस रियल-टाइम पेमेंट नेटवर्क का अंतरराष्ट्रीय दायरा और बढ़ गया है।
UPI की शुरुआत भारत में रोजमर्रा के भुगतान को आसान बनाने के उद्देश्य से हुई थी। आज यही सिस्टम विदेशों में भी भारतीय यात्रियों, कारोबारियों और दूसरे उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल लेनदेन का एक विकल्प बन रहा है।
11 देशों तक पहुंचा UPI
सरकारी आंकड़ों के अनुसार UPI फिलहाल यूएई, फ्रांस, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव में स्वीकार्यता या क्रॉस-बॉर्डर
भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI (Unified Payments Interface) अब देश की सीमाओं से बाहर लगातार अपनी जगह बना रहा है। अगस्त 2026 में सामने आई सरकारी जानकारी के मुताबिक UPI अब 11 देशों में ऑपरेशनल हो चुका है। ग्रीस और मालदीव के जुड़ने के बाद भारत के इस रियल-टाइम पेमेंट नेटवर्क का अंतरराष्ट्रीय दायरा और बढ़ गया है।
UPI की शुरुआत भारत में रोजमर्रा के भुगतान को आसान बनाने के उद्देश्य से हुई थी। आज यही सिस्टम विदेशों में भी भारतीय यात्रियों, कारोबारियों और दूसरे उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल लेनदेन का एक विकल्प बन रहा है।
11 देशों तक पहुंचा UPI
सरकारी आंकड़ों के अनुसार UPI फिलहाल यूएई, फ्रांस, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव में स्वीकार्यता या क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस के रूप में लाइव है। हालांकि, हर देश में UPI की सुविधा एक जैसी नहीं है और उपलब्ध सेवाएं स्थानीय साझेदारों तथा भुगतान व्यवस्था पर निर्भर करती हैं।
यह विस्तार भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अंतरराष्ट्रीय इस्तेमाल की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
ग्रीस में शुरू हुई क्रॉस-बॉर्डर सुविधा
जून 2026 में ग्रीस में UPI आधारित क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस सेवा शुरू हुई। यह सुविधा भारत और ग्रीस के बीच पात्र ग्राहकों को डिजिटल तरीके से पैसे भेजने की सुविधा देती है। यह सेवा Eurobank के माध्यम से शुरू की गई है।
इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल वित्तीय संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर ऐसे लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है, जिन्हें भारत और ग्रीस के बीच नियमित रूप से पैसे भेजने या प्राप्त करने की जरूरत पड़ती है।
मालदीव में भी UPI की एंट्री
मालदीव ने भी UPI के साथ अपनी डिजिटल पेमेंट कनेक्टिविटी शुरू कर दी है। 30 जुलाई 2026 को मालदीव के इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम Favara और UPI के बीच क्रॉस-बॉर्डर इंटीग्रेशन लाइव हुआ। शुरुआती चरण में मालदीव के लोग Favara के जरिए भारत में UPI-enabled बैंक खातों में रियल-टाइम पैसे भेज सकते हैं।
आने वाले चरणों में QR आधारित मर्चेंट पेमेंट जैसी सुविधाएं भी जोड़े जाने की योजना बताई गई है।
UPI की भारत में भी तेजी से बढ़ी पहुंच
UPI का विस्तार सिर्फ विदेशों तक सीमित नहीं है। जुलाई 2026 में UPI नेटवर्क पर 741 बैंक लाइव थे और इसी महीने सिस्टम ने करीब 2,365.8 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए। इन लेनदेन का कुल मूल्य लगभग ₹29.87 लाख करोड़ रहा।
वित्त मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 से 2025-26 के बीच UPI के सालाना ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में लगभग 13,000 गुना बढ़ोतरी हुई है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह विस्तार?
UPI का दूसरे देशों तक पहुंचना केवल पेमेंट की सुविधा का विस्तार नहीं है। इससे भारत की डिजिटल तकनीक और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मजबूत होती है।
आने वाले समय में अगर ज्यादा देशों में UPI स्वीकार किया जाता है और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट की सुविधाएं बढ़ती हैं, तो भारतीय यात्रियों और विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए डिजिटल लेनदेन और आसान हो सकता है।
निष्कर्ष
ग्रीस और मालदीव के जुड़ने के साथ UPI अब 11 देशों तक पहुंच चुका है। भारत में रोजमर्रा के भुगतान का हिस्सा बन चुका यह सिस्टम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। आने वाले वर्षों में UPI का विस्तार किन नए देशों तक पहुंचता है, इस पर डिजिटल पेमेंट की दुनिया की नजर रहेगी।